सोचते है काफिर
बदल लेगें चेहरा बलवान
पर
कैसे मिटेगें वो पैरों के निशान
कर कोशिश बहुत
मेरे महताव ने
पर क्या वो धुलेगें इस दरमियांन
घायल न हो जाना उस जद्दोजहद
में
न मिट सकेंगें
कभी उन सबूतों के वयान
कर सोच बुलंद और
हो जा तैयार मियान
जीना सीख लें अब
लगेगें दाग जरुर इस जहान
-आपका अपना अहसास
http://authorehsaas.blogspot.com/

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