Wednesday, 6 November 2013


एक कामचोर कलयुगी पुत्र
क्या आपको एहसास होता है या नहीं
आज मैं आपको एक कामचोर कलयुगी पुत्र के बारे में बताने जा रहा हूँ। हमने अपनी पुरानी कहानियों में इस स्वार्थी अहंकारी पुत्र के बारे में बताया था। यह पुत्र कामचोरी के अवगुण से भी भरा हुआ है।
जब यह कामचोर पुत्र अपने वाल्यकाल में था तब उसके घर का सारा कार्य उसके माता-पिता करते थे, जब वह 19-20 वर्ष का हुआ तब भी घर का सारा कार्य उसके माता-पिता करते है और आज जब वह 25-26 वर्ष का है तब भी घर का सारा कार्य उसके माता-पिता के द्वारा किया जाता है।
इस कलयुगी पुत्र को अपने विस्तर पर चाय, खाना चाहिए वरना यह अपने माता-पिता को गाली देता है। जब वह सुबह अपना विस्तर छोड़ता है तो उसका इतना मन भी करता जो जिस विस्तर से वह उठ रहा है उसको ठीक कर दें।
उस बिस्तर को ठीक करने के लिए वह अपने पिता को आवाज लगाता है।
इस कामचोर पुत्र में इतना भी साहस नहीं है की वह अपने कागजों की फोटोस्टेट खुद करवा सके।
इसको करवाने के लिए भी वह अपने पिता को कहता है। किसी भी दिन एस नहीं हुआ होगा कि इस कलयुगी पुत्र ने अपने माता-पिता को एक दिन का खाना खिलाया ho परंतु जब कभी उसकी पसंद का खाना नहीं बनता है तो वो अपनी माता को गालियाँ देना शुरू कर देता है।
जीवन के इस आखिरी पड़ाव में क्या इस कलयुगी कामचोर पुत्र को अपने माता-पिता कि सेवा करनी चाहिए या उनसे अपनी सेवा करवानी चाहिए।
आज के इस कलयुगी दौर में यह कलयुगी कामचोर पुत्र अपने लाचार माता-पिता पर हाथ उठाने से भी बाज नहीं आएगा। आज जो कलयुगी पुत्र उनको गालियाँ दे रहा है वो शीघ्र ही उन हाथ जरूर उठाएगा।
आपके आस पास पड़ोस में इस तरह के कलयुगी पुत्रो के बारे में शेयर करके पूरी दुनियाँ को बताए।       
आपका एहसास

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