आखिर तुमने मेरे लिए
क्या किया
क्या आपको एहसास होता है या नहीं
आज मैं फिर आपके सामने कलयुगी पुत्र के बारे में बता रहा
हूँ। जैसा कि आपको हमारी पुरानी कहानियों से पता है कि हमारा कलयुगी पुत्र कामचोर, स्वार्थी व अहंकारी तो है ही।
इस कलयुगी
पुत्र ने आज बी.एस.सी पूरा कर लिया है। वह बी.एड भी कर चुका है। इसके
बाद भी वह अपने माता-पिता से आज प्रश्न करता है कि "आखिर तुमने मेरे लिए क्या
किया ?"
मैं आप लोगों से पूछना चाहता हूँ कि आज के इस दौर में इतना
पढ़ाने के बाद भी क्या किसी माता-पिता को अपने पुत्र को कुछ और करवाना चाहिए।
अगर व्यक्ति कविल है तो वह इतना पढ़ने के बाद ही एक अच्छी
नौकरी प्राप्त कर सकता है।
फिर भी यह
कामचोर असफल कलयुगी पुत्र अपने माता-पिता को ताने मारता हुआ पूछता है कि "आखिर तुमने मेरे लिए क्या किया है "
शायद इस कलयुगी
पुत्र को यह नहीं पता है कि उसके बचपन से
जवानी तक उसके माता-पिता ने अपने कितने
सुखों की कुर्बानी दी है।
जब उसने किताब मांगी तो पिता ने किताब खरीदकर दी, जब उसने खाना मांगा तो माँ ने उसे खाना बनाकर
दिया। ये घटनाचक्र, जब वह इस
दुनियाँ में आया है तब से आज तक जब वह 25-26 साल का हो गया
है, चल रहा है।
तो उसको अपने
माता-पिता से यह पूछने का क्या हक है कि "आखिर तुमने मेरे लिए क्या
किया"
बचपन से आज आया जब भी उसकी तबीयत खराब हुई पिता ने उसका
इलाज करवाया, माता ने उसकी
देखभाल की तो फिर क्या औचित्य है यह पूछने का कि "आखिर तुमने मेरे लिए क्या
किया "।
आज जहां हमारे देश में भूत से लोग पैसे के अभाव में उच्च
शिक्षा से वंचित रह जाते है। वहाँ इस कलयुगी पुत्र को उसके माता-पिता ने बी.एस.सी
और बी.एड करवाया है तो फिर इस कलयुगी पुत्र
के बारे में आप क्या कहना चाहोगे।
इस तरह के कलयुगी पुत्रो के बारे में यहाँ शेयर करके पूरी
दुनियाँ को बताइए।
आपका एहसास
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