Wednesday, 6 November 2013


दादी के नाम पर धब्बा
क्या आपको एहसास होता है या नहीं
आज मैं आपको आज के जमाने की एक लालची दादी माँ की कहानी प्रस्तुत कर रहा हूँ|
हमारे भारतीय समाज में माँ के बाद दादी माँ का स्थान बहुत ही प्रमुख होता है| अगर मैं दादी को माँ ही कहूं तो गलत नहीं होगा क्योंकि अगर किसी बच्चे को अपनी माँ के बाद सही स्नेह और प्यार मिल सकता तो वो मिलेगा दादी माँ से| हमने अपने समाज में देखा है कि यदि किसी बच्चे की 1-2 साल की आयु में उसकी माँ की मृत्यु हो जाए तो उस बच्चे का पूरा पालन पोषण उसकी दादी माँ करती है और उसे माँ जैसा ही स्नेह देती है|
आज की 21 वीं सदी में हम अक्सर देखते है कि शहरो में ज्यादातर घरो में पति और पत्नी दोनों काम करते है रोज आफिस जाते है तो उनके बच्चों कि जिम्मेदारी उनकी दादी माँ उठाती है|
आइए हम अपनी कहानी कि नायिका दादी माँ के बारे में बताते है| हमारी कहानी की दादी माँ बड़ी ही कंजूस है| पैसे खर्च करने के मामले में नहीं प्यार खर्च करने के मामले में| उनकी बहु उनके भरोसे अपने छोटे 8-9 माह के बच्चे  को छोड़कर आफिस जाती है वो भी अपनी सास के ज़ोर देने पर| सास अपनी बहु से कहती है कि बहु एक माह के 6000/- रुपये लूँगी तेरे बच्चे को देखने के |
कभी आपने सुना है एसी दादी माँ के बारे में जो अपने संतान की संतान को देखने के पैसे लेती है|
अगर बहु पैसे देने में किसी माह लेट हो जाती है तो वो दादी माँ उस बच्चे को पूरे दिन भूखा रखती है, दूध नहीं देती है| उस भूखे बच्चे को क्या पता उसकी दादी माँ केवल रुपयों की भूखी है| वो दादी माँ इतनी लापरवाह बन जाती है कि एक दिन वो बच्चा शौचालय में गिर गया| अगर बहु ने समय पर पैसे दे दिए होते तो ये नौबत नहीं आती|
पता नहीं हमारे इस सभ्य कहे जाने वाले समाज में ऐसी दादी माँ क्यों पैदा हो जाती है| वो यव क्यों भूल जाती है जिस बच्चे नादानि का मज़ाक बना रही है वो बच्चे भगवान का रूप होते है|
वो दादी माँ ये क्यों भूल जाती है कि वो भी कभी इस बाल्यकाय से गुजरी थी| वो ये क्यों भूल जाती है कि पैसा कभी भी इन खूबसूरत इंसानी रिश्तो से बढ़कर नहीं हो सकता| आखिर वो इस पैसे का क्या करेगी?
मानव जीवन कि दो अवस्थाए - बालरूप और बुजुर्ग अवस्था दोनों ही को किसी के सहारे की आवश्यकता होती है| अगर बुजुर्ग अपना सहारा उस बालरूप को दे दे और उसका सहारा ले ले तो यह बालरूप और बुजुर्ग अवस्था |का सुंदर रिश्ता कायम करता है|
क्या आप भी अपने घर या आस पास पड़ोस से ऐसी किसी दादी माँ को जानते है तो कृपया यहाँ उस दादी माँ की कहानी शेयर करे और पूरी दुनियाँ को बताएँ|
आपका एहसास

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