आ पहुंचा दीपों का त्यौहार है।
लेके खुशियों की बौछार है।।
चारों ओर
स्वच्छता पावन है।
फुदक रहे
बच्चे घर आंगन है॥
वरस रहा
खुशियों का सावन है।
तभी तो
लोकप्रिय ये पर्व दीपावन है॥
सच में चहु ओर परमानन्द है।
मिल रहा सुख चरमानन्द है॥
जला
रहे फुलझड़ी,
वांट रहे
मिठाई।
देखकर दीपों
की पंक्ति,
लगा कोई नई
दूनिया बन आई॥
तो हो रहा सभी को खुशियों का अहसास है।
तभी तो यह पर्व कुछ खास है॥
सभी मित्रों को सपरिवार दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें !!!
-आपका अपना
(अहसास)
http://authorehsaas.blogspot.com/

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