Tuesday, 14 May 2013

महापुरुष ढोंगी बाबा


महापुरुष ढोंगी बाबा

क्या आपको एहसास होता है या नहीं............

आज की 21 वी सदी में ऐसे महापुरुष भी पाए जाते है| इस बात की कल्पना भी नहीं की जा सकती| आज मै एक कहानी प्रस्तुत कर रहा हूँ एहसास की कहानी या फिर हमारे अपने घरो की कहानी|

यह कहानी एक ढोंगी बाबा की है| बाबा का व्यवहार एक महापुरुष आदर्श व्यक्ति के समान है| वह लोगो से बड़े प्यार से, आदर के साथ वार्तालाप करता है| वो लोगो के मन को अपनी मधुर बातों से मोह लेता है| वो मंदिरा नहीं पीता है न ही धूम्रपान करता है और न ही स्त्री भोगी है|

फिर वो ढोंगी क्यों है?

वह बाबा रोज 2 घंटे सुबह ईश्वर का भजन करता है और 2 घंटे शाम को ईश्वर का भजन करता है| वह रोज मंदिरो में भगवान के दर्शन करने जाता है तो फिर वो ढोंगी क्यों है| वह बाबा ज्योतिष से लोगो को उनका भविष्य बताता है| उन्हें ज्ञान देता है की भगवान की पूजा से सभी दुख दूर हो जाते है|

तो फिर वो ढोंगी या बुरा क्यों हैं| चलों मैं आपको सिक्के के दूसरे पहलु से अवगत करता हूँ| हमारे महापुरुष बाबा सुबह स्नान करके पूजा करते है| गल्ती से भी यदि उनकी माँ उनसे स्पर्श हो जाए तो वह पुनः स्नान के लिए चले जाते है| हमारी संस्कृति हमें अपनी माता को भगवान से ऊपर का स्थान देती है तो फिर बाबा का ये कौन सा रूप है| जो बाबा लोगो को ज्ञान देता है उसे इस ज्ञान का बोध क्यों नहीं है

हमारी पुरानी कहानियो में भगवान श्री गणेश को प्रथम पूज्य भगवान की उपाधि तभी मिली थी जब उन्होने अपने माता - पिता के चारों ओर तीन चक्कर पूरे किए| इन तीन चक्करों की तुलना हमारे सम्पूर्ण तीन लोक के चक्कर के सम्कक्ष की जाती है|  

तो हम इस महापुरुष बाबा को ढोंगी क्यों न कहे जो अपनी माता का सम्मान नहीं करता है|

यह महापुरुष बाबा जब पूजा करने जाता है तो अपनी माता और अन्य घरवालो को प्रवचन के रूप में गंदी - गंदी गालियाँ देता है|

एक हाथ में पूजा का घंटा मन में भगवान का नाम और मुंह पर गंदी - गंदी गालियाँ| तो फिर इस महापुरुष बाबा के बारे में आपका क्या ख्याल है| क्या आपके घर में या आपके आस पास पड़ोस में ऐसा कोई सज्जन महापुरुष या बाबा रहता है|

कृपया यहाँ ऐसे महापुरषो के बारे में शेयर करके पूरी दुनियाँ को जरूर बताए|

आपका एहसास इस ब्लॉग को आपका अपना कीमती समय देने के लिए आपको हार्दिक धन्यवाद देता है| सप्रेम नमस्कार !
 
                                                      आपका एहसास

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