महापुरुष ढोंगी बाबा
क्या आपको एहसास होता है या नहीं............
आज की 21 वी सदी में ऐसे महापुरुष भी पाए जाते है| इस बात की कल्पना भी नहीं की जा सकती| आज मै एक कहानी प्रस्तुत कर रहा हूँ एहसास की कहानी या फिर
हमारे अपने घरो की कहानी|
यह कहानी एक ढोंगी बाबा की है| बाबा का व्यवहार एक महापुरुष
आदर्श व्यक्ति के समान है| वह लोगो से बड़े प्यार से, आदर के साथ वार्तालाप
करता है| वो लोगो के मन को अपनी मधुर बातों से मोह लेता है| वो मंदिरा नहीं पीता है
न ही धूम्रपान करता है और न ही स्त्री
भोगी है|
फिर वो ढोंगी क्यों है?
वह बाबा रोज 2 घंटे सुबह ईश्वर का भजन करता है
और 2
घंटे शाम को ईश्वर का भजन करता है| वह रोज मंदिरो में भगवान के
दर्शन करने जाता है तो फिर वो ढोंगी क्यों है| वह बाबा ज्योतिष से लोगो को उनका
भविष्य बताता है| उन्हें ज्ञान देता है की
भगवान की पूजा से सभी दुख दूर हो जाते है|
तो फिर वो ढोंगी या बुरा क्यों हैं| चलों मैं आपको सिक्के के दूसरे
पहलु से अवगत करता हूँ| हमारे महापुरुष बाबा सुबह स्नान करके पूजा करते है| गल्ती से भी यदि उनकी
माँ उनसे स्पर्श हो जाए तो वह पुनः स्नान के लिए चले जाते है| हमारी संस्कृति हमें अपनी
माता को भगवान से ऊपर का स्थान देती है तो फिर बाबा का ये कौन सा रूप है| जो बाबा लोगो को ज्ञान
देता है उसे इस ज्ञान का बोध क्यों नहीं है|
हमारी पुरानी कहानियो में भगवान श्री गणेश को प्रथम पूज्य भगवान की
उपाधि तभी मिली थी जब उन्होने अपने माता - पिता के चारों ओर तीन चक्कर पूरे किए| इन तीन चक्करों की तुलना
हमारे सम्पूर्ण तीन लोक के चक्कर के सम्कक्ष की जाती है|
तो हम इस महापुरुष बाबा को ढोंगी क्यों न कहे जो अपनी
माता का सम्मान नहीं करता है|
यह महापुरुष बाबा जब पूजा करने जाता है तो अपनी माता और अन्य
घरवालो को प्रवचन के रूप में गंदी - गंदी गालियाँ देता है|
एक हाथ में पूजा का घंटा मन में भगवान का नाम और मुंह पर गंदी -
गंदी गालियाँ| तो फिर इस महापुरुष बाबा के बारे में आपका क्या ख्याल
है|
क्या आपके घर में या आपके आस पास पड़ोस में ऐसा कोई सज्जन महापुरुष
या बाबा रहता है|
कृपया यहाँ ऐसे महापुरषो के बारे में शेयर करके पूरी दुनियाँ को
जरूर बताए|
आपका एहसास इस ब्लॉग को आपका अपना कीमती समय देने के लिए आपको
हार्दिक धन्यवाद देता है| सप्रेम नमस्कार !
आपका एहसास
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